उत्तराखंड में महंगाई में मामूली गिरावट, देश में 15वां स्थान
देश की तरह उत्तराखंड भी महंगाई से हलकान है। पिछले तीन महीनों में महंगाई मामूली रूप से नीचे खिसकी है। मई में राज्य की महंगाई दर 6.04 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 6.77 प्रतिशत थी। हालांकि आम आदमी की जरूरत से जुड़ी वस्तुओं के दाम अब भी उम्मीद से कहीं ज्यादा हैं।
सोमवार को केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के नेशनल सैंप सर्वे ऑफिस के हाल ही में जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से यह खुलासा हुआ है। एसएसओ के मई के सूचकांक के मुताबिक, देश में सबसे अधिक महंगाई दर तेलंगाना में 9.45 प्रतिशत रही। जबकि सबसे कम 4.82 प्रतिशत महंगाई दर केरल राज्य की रही। उत्तराखंड महंगाई दर के मामले में देश में 15वें स्थान पर है। जबकि मार्च में यह 14वें, अप्रैल में 17वें स्थान पर था।
फरवरी 2022 में एसएसओ ने जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किए थे, उनमें उत्तराखंड महंगाई के मामले में देश में आठवें स्थान पर था। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश और प्रदेश में शहरों की तुलना में गांवों में महंगाई की ज्यादा मार है। अप्रैल में उत्तराखंड के शहरों में 5.21 प्रतिशत महंगाई दर थी, जबकि गांवों में यह 6.53 प्रतिशत रही। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई दर अप्रैल के 7.79 प्रतिशत से 0.75 प्रतिशत घटकर मई में 7.04 प्रतिशत रही है। राष्ट्रीय स्तर पर गांवों में महंगाई दर 7.01 तो शहरों में 7.08 प्रतिशत रही है।
आम आदमी की पहुंच से बाहर होती सब्जी
एनएसएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, मई में देश में सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। सब्जियां गरीब और आम आदमी की पहुंच से बाहर होती दिखीं। सब्जियों की महंगाई सभी जिंसों में अधिकतम 18.26 प्रतिशत रही और वसा की महंगाई दर 13.26 प्रतिशत आंकी गई। फुटवियर की महंगाई दर 10.72 प्रतिशत रही। ईंधन व गैस और परिवहन व संचार में महंगाई दर समान यानी 9.54 प्रतिशत रही। अंडों व तिलहन की महंगाई में कुछ कमी दिखी है।
राज्यों में महंगाई दर
तेलंगाना में 9.45, महाराष्ट्र में 8.52, आंध्र प्रदेश में 8.49, प. बंगाल में 8.27, झारखंड में 7.51, गुजरात में 7.48, राजस्थान में 7.36, असम में 7.31, ओडिशा में 7.28, हरियाणा में 7.25, मध्य प्रदेश में 7.16, जम्मू-कश्मीर में 6.97, उत्तर प्रदेश में 6.70, कर्नाटक में 6.35, उत्तराखंड में 6.04, बिहार में 5.97, छत्तीसगढ़ में 5.92, पंजाब में 5.77, तमिलनाडु में 5.72, हिमाचल में 5.63, दिल्ली में 5.57, केरल में 4.82 प्रतिशत रही। जबकि देश में 7.04 प्रतिशत रही।
