मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

मुलायम दो अक्टूबर से लगातार लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर थे। उनके निधन से उत्‍तराखंड में भी शोक व्‍याप्‍त है। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी सहित कई गणमान्‍य लोगों ने उन्‍हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। आइए जानते हैं मुलायम सिंह के उत्‍तराखंड कनेक्‍शन के बारे में…

उत्‍तराखंड से हैं दोनों बहुएं
  • उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का उत्‍तराखंड से खास नाता रहा है।
  • उनकी दोनों बहुएं उत्‍तराखंड से ही हैं।
  • मुलायम सिंह की बड़ी बहू डिंपल मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं।
  • डिंपल का जन्‍म अल्मोड़ा में हुआ है।
  • छोटी बहू अपर्णा यादव उत्‍तरकाशी की रहने वाली हैं।
  • उत्तरकाशी के बरसाली गांव निवासी अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी अपर्णा से मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का विवाह हुआ है।
  • हालांकि अरविंद सिंह बिष्ट लंबे समय से लखनऊ में रहते हैं। जबकि उनके चार अन्य भाई उत्तरकाशी में ही रहते हैं।
  • मुलायम सिंह यादव के निधन पर उनके सगे-संबंधियों ने शोक व्यक्त किया है।

अलग उत्तराखंड राज्य के पक्ष में नहीं थे मुलायम सिंह यादव

वहीं भारतीय राजनीति के दिग्गज, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय रक्षा मंत्री और सपा के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव अलग उत्तराखंड राज्य के पक्ष में नहीं थे।

उत्‍तराखंड के उत्‍तर प्रदेश में होने के दौरान उनके सीएम रहते हुए 27 साल पहले रामपुर तिराहा कांड हुआ था। राज्य आंदोलनकारी उस काली रात को आज भी नहीं भूले हैं।

अलग उत्तराखंड की मांग कर रहे आंदोलनकारियों ने 2 अक्टूबर 1994 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना तय किया था। गढ़वाल और कुमाऊं के आंदोलनकारियों का काफिला दिल्ली की तरफ बढ़ा तो मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पुलिस ने जबरदस्त नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका।नाराज प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। फिर पुलिस ने लाठी और गोलियां बरसा दीं। पुलिस की गोलियों से सात आंदोलनकारी शहीद हुए थे। वहीं उत्‍तराखंड के इतिहास में इस काले अध्‍याय ने मुलायम सिंह यादव को पहाड़ की जनता से दूर कर दिया।